उत्तरखंड में अगस्त 2020 में CHO के 300 पदों पर NHM के जरिए निकाली गई. जिसके लिए लगभग 12,000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया. 27, 28 और 29 अक्टूबर को काउंसलिंग रखी गई. जिसमें 185 अभ्यर्थियों का चयन किया गया. रिक्त 115 पदों के लिए अब दोबारा भर्ती निकाली गई. जबकि शुरू से ये मांग की जा रही है कि रिक्त पदों को रिकाउंसलिंग के भरे जाएं. क्योंकि आज 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के आवेदन NHM के पास हैं न सिर्फ आवेदन बल्कि कई अभ्यर्थियों के 1,03,400 रुपए के ड्राफ्ट भी NHM के पास हैं.

दोबारा भर्ती प्रक्रिया में समय, अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन पुनः फॉर्म भरने का खर्च, भर्ती प्रक्रिया में होने वाले सरकारी व्यय का नुकसान ही हैं और दोबारा आवेदन भी उन्हीं अभ्यर्थियों को करना है जो महीने पहले आवेदन करके बैठे हैं. तो फिर दोबारा भर्ती प्रक्रिया में रिकाउंसलिंग क्यों नहीं?

बता दें कि देहरादून में हुई काउंसलिंग में 185 अभ्यर्थियों का चयन किया गया. तीन दिनों तक होने वाली काउंसलिंग में 115 पदों पर चयन नहीं हो पाया.

रिक्त 115 पदों पर रिकाउंसलिंग के लिए चयन होता है तो ये उचित होगा. राज्य के बेरोजगार युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इन पदों पर चयन के लिए NHM को रिकाउंसलिंग करनी चाहिए. इससे दोबारा भर्ती प्रक्रिया में होने वाले खर्च की वजह से राजस्व के नुकसान को बचाया जा सकता है. अन्य राज्यों में भी भर्ती प्रक्रिया में रिकाउंसलिंग के विकल्प को रखा जाता है.