सोशल मीडिया पर फैली खबर के मुताबिक देहरादून वासी सहित क्षेत्र के लोग चिंतित हैं. दरअसल थाना क्षेत्र में 10 हज़ार पेड़ों को काटने की बात सुनते ही लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट गया. प्रकृति प्रेमी के लिए यह बेहद दुखद खबर है. क्योंकि 10 हजार पेड़ों का कटना प्रकृति और देहरादून के पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित करेगा.

लोगों में फूटा गुस्सा

इस मामले में एस डी ओ मरतुल्य ने बोला कि अभी तक सरकार से ऐसी कोई संस्तुति नहीं मिली है, यह मामला इस लिए उठ रहा है क्युंकि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया चल रही है जिसमें 87 हैक्टर जमीन का विस्थापन होना है. इसके लिए अगर सरकार इज़ाजत देती है तब इसमें जितने पेड़ हैं वो काटे जायेंगे जिसकी संख्या 10 हज़ार के करीब होगी. लेकिन उसके बाद दोगुने पेड़ो को लगया भी जाएगा. यह खबर सुनते ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा.

जताया विरोध

देहरादून की साइकिलिंग समुदाय ने इसका विरोध किया. देहरादून साइकिलिंग क्लब के सचिव हरी सिमरन सिंह ने बोला की इस जगह के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ वह बर्दाश नहीं करेंगे. आने वाले समय में क्लब के 600 से ज्यादा मेंबर्स इस फैसले के खिलाफ साइकिल यात्रा निकाल कर अपना विरोध दर्ज करेंगे.

कुछ लोग इसके समर्थन में भी आए और बोला कि विकास के लिए इस तरह की पहल करनी ज़रूरी है अगर पेड़ काटे जा रहे हैं तो पेड़ लगाए भी जा रहे हैं. उत्तराखंड के विकास के लिए इस प्रकार के कदम उठाने ज़रूरी हैं.