विजय का प्रतीक है रावण वध, लेकिन डोर भी है किसी के रोजगार की

विजय का प्रतीक है रावण वध, लेकिन डोर भी है किसी के रोजगार की

असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है रावण वध , लेकिन यही रावण किसी रोजगार की डोर बन बैठे. बुराई का प्रतीक बना रावण, कारीगरों के लिए एक रोजगार का सहारा बन उठा. रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों की रचना से कारीगर अपना पेट भरते थे. सुतली, कागज व बांस-बल्ली से रावण और उसके...
घरेलू हिंसा, बेसहारा महिलाओं के लिए सहारा हैं विनीता शिखर, विरासत में मिली समाजसेवा

घरेलू हिंसा, बेसहारा महिलाओं के लिए सहारा हैं विनीता शिखर, विरासत में मिली समाजसेवा

आपको बचपन में ही समाजसेवा करने की सीख मिले तो व्यक्ति पर उसका प्रभाव जरूर पड़ता है और ऐसे लोग ही आगे चलकर समाजसेवा से जरूर जुड़ते हैं. ऐसी ही एक समाजसेविका हैं विनीता शिखर. विनीता शिखर बचपन में ही अपनी मां क्षमा कुशवाहा के सामाजिक कार्यों को देखकर उनसे प्रभावित हुईं....
रिपोर्टः 52 साल बाद रेलवे को संसद की कैंटीन से किया गया मुक्त, ITC को दिया गया ठेका

रिपोर्टः 52 साल बाद रेलवे को संसद की कैंटीन से किया गया मुक्त, ITC को दिया गया ठेका

संसद में पिछले 52 सालों से राजनेताओं को खाना खिलाने वाला भारतीय रेलवे अब इस जिम्मेदारी से मुक्त होने वाला है. संसद परिसर के सभी कैंटीन और रसोईघरों में खाना बनाने की जिम्मेदारी अब एक नई एजेंसी को मिल दी गई है. जो अगले महीने से संसद में नेताओं को खाना खिलाएगी. राजनेताओं...
यूपीः छात्रा ने छेड़खानी का किया विरोध, बदमाशों ने घर में घुसकर मारी गोली

यूपीः छात्रा ने छेड़खानी का किया विरोध, बदमाशों ने घर में घुसकर मारी गोली

उत्तर प्रदेश में कानून दम तोड़ चुका है. यहां रेप, हत्या और लूट की खबरें हर हेडलाइन बन रही है. आलम ये है कि बच्चियां आत्मरक्षा के लिए सीएम योगी से शस्त्र लाइसेंस की मांग कर रहीं हैं. यूपी के फिरोजाबाद में रसूलपुर थाना क्षेत्र के प्रेम नगर में कुछ बदमाशों ने घर में...
बेसहारा बुजुर्गों की सेवा कर रहीं कनक, अब तक नहीं मिला वृद्धाश्रम

बेसहारा बुजुर्गों की सेवा कर रहीं कनक, अब तक नहीं मिला वृद्धाश्रम

हल्द्वानी में मानवता की मिसाल पेश की है कनक चंद ने. जिनका कोई नहीं और सड़क के किनारे असहाय पड़े हैं. न तन ढ़कने को कपड़े हैं और न ही पेट भरने को भोजन. उम्र के आखिरी पड़ाव में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे ऐसे असहाय बुजुर्गों की जिंदगी सहारा देते हैं कनक चंद. पिछले 4...