बागपत में एक दरोगा को बिना अनुमति के लंबी दाढ़ी रखने पर सस्पेंड कर दिया है. दरोगा के खिलाफ ये कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने तीन बार हिदायत देने के बावजूद भी दाढ़ी नहीं कटवा रहे थे.

एसपी ने दरोगा इंतसार अली को तीन बार दाढ़ी कटवाने की चेतावनी दी थी. फिर विभाग से दाढ़ी रखने की अनुमति लेने के निर्देश दिए गए. लेकिन दरोगा इंतसार अली आदेश की अनदेखी करते करते रहे. मूल रूप से सहारनपुर निवासी इंतसार अली पिछले तीन साल से वह बागपत जिले में कार्यरत हैं. जिसमे लॉकडाउन से पहले उन्हें रमाला थाने में तैनाती दी गई थी. दरोगा को निलंबित किया जाने के बाद से पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है. 

इस मुद्दे पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने जानकारी दी. उन्होंने कहा, “पुलिस मैनुएल के दिशा-निर्देशों के अनुसार सिख समुदाय के पुलिसकर्मियों के अलावा किसी भी अन्य समुदाय का व्यक्ति पुलिस विभाग में तैनात रहते हुए दाढ़ी नहीं रख सकता है. इस आदेश में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सभी आते हैं. अगर पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति ऐसा करना चाहता है तो उसे सबसे पहले अनुमति लेनी होती है. इतने महत्वपूर्ण आदेश के बिना इंतसार अली बिना किसी भी तरह की आज्ञा लिए दाढ़ी रख रहे थे.

वहीं इस मुद्दे पर खुद इंतसार अली ने भी अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है कि वह अनुमति के लिए पिछले कई सालों से लगे हुए थे. उनके अनुसार वो एसपी और आईजी कार्यालय में भी अनुमति के लिए गए थे. हर जगह उनका पत्र लंबित पड़ा हुआ है और उनके निवेदन पर कोई सुनवाई नहीं हुई है. 

दाढ़ी रखने पर क्या कहता है नियम ?


पुलिस विभाग में सिख मज़हब को छोड़कर किसी भी मज़हब के शख्स को दाढ़ी रखने से पहले विभाग की अनुमति लेनी होती है. दरोगा इंसार अली ने न तो दाढ़ी रखने की इजाज़त ली और न ही अफसरों के कहने पर दाढ़ी कटवाई, इसीलिए उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई.