मसूरी नगर पालिका परिषद बोर्ड की प्रस्तावित बैठक स्थगित होने के बाद शिफन कोर्ट से बेघर हुए लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.धरने पर बैठे लोगों का आरोप है उन्हें पहले तो आश्वासन दिया गया था कि बेघर करने से पहले उन्हें विस्थापित किया जायेगा, लेकिन हमको बेघर कर दिया गया.

बेघर लोगों का कहना है कि नगर पालिका बोर्ड की बैठक स्थगित करने का कारण भी नहीं बताया जा रहा है. बोर्ड की इस बैठक में शिफन कोर्ट से बेघर हुए 84 परिवारों के विस्थापन करने को लेकर जमीन उपलब्ध कराने पर चर्चा होनी थी. बोर्ड बैठक स्थगित होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है.
आपको बता दें कि शिफन कोर्ट से बेघर हुए परिवारों ने मसूरी नगर पालिका परिषद का कूच किया. मसूरी नगर पालिका परिषद में बेघर हुए लोग शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. सूचना पर मसूरी पुलिस नगर पालिका परिसर पहुंची. पुलिस ने धरना समाप्त करने की अपील की.

शिफन कोर्ट से बेघर हुए लोगों ने बताया कि उन्हें हटाने से पहले क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन ने विस्थापन की बात कही थी. हम लोगों को बेघर तो कर दिया गया लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है.

वादा था घर के लिए सभी को मिलेगी ज़मीन

दस दिन पहले पालिका अध्यक्ष द्वारा शिफन कोर्ट से बेघर हुए लोगों द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त कराया था. धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि पालिका अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया था कि 16 अक्टूबर को बोर्ड बैठक का आयोजन कर उनको जमीन देने के प्रस्ताव को प्रशासन को भेज दिया जाएगा. मगर अब इस बोर्ड बैठक को स्थगित कर दिया है.

बोर्ड की अगली बैठक का कुछ पता भी नहीं है. हम लोग कब तक बिना घर के रहेंगें. घर के हमारा गुज़ारा कैसे होगा. सौ के आसपस परिवारों से घर छीन लिया गया. सरकार हमारे लिए सोचने को भी तैयार नहीं है.